June 27, 2022

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आर्थिक संकट मे नेपाल, भारत-चीन कतेक अछि संग?

  • अभिनव गोयल
नेपालक अर्थव्यवस्था कें बुझबा लेल टटका हालति कें बुझब आवश्यक अछि।
नेपालक जनसंख्या लगभग 2.9 करोड़ अछि।
अर्थव्यवस्थाक आकार लगभग 3,500 करोड़ डॉलर अछि।
सार्वजनिक कर्ज जीडीपी केर लगभग 43 प्रतिशत अछि।
महंगाइ दर वर्तमान मे 7 प्रतिशत अछि।
खतराक घंटी तहन बाजल जहन मार्च 2022 केर मध्य मे देशक विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 975 करोड़ डॉलर रहि गेल छल। जुलाई 2021 मे ई 1175 करोड़ डॉलर छल। लगभग सात मास मे नेपालक विदेशी मुद्रा भंडार मे लगभग 200 करोड़ डॉलर यानी 24 हजार करोड़ नेपाली टाका कम भ’ गेल अछि। देशक केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा आ अन्य परिसंपत्ती कें अपना लग रखैत अछि। आवश्यकता पड़ला सँ एहि सँ देनदारीक भुगतान सेहो कयल जाइत अछि। जहन कोनो देश निर्यातक समानांतर आयात बेसी करैत अछि त’ विदेशी मुद्रा भंडार घट’ लगेत अछि। पारंपरिक रूप सँ मानल जाइत अछि जे कोनहु देशक विदेशी मुद्रा भंडार कम सँ कम सात मासक आयातक लेल पर्याप्त होमक चाही। नेपालक विदेशी मुद्रा भंडारक क्षमता अखन 6.7 मासक अछि जे चिंताक विषय अछि। कम होइत विदेशी मुद्रा भंडार कें ल’ क’ किछु लोक नेपालक तुलना श्रीलंका सँ सेहो कर’ लागल छथि।
नेपाल सरकार अप्रैलक शुरुआत मे सेंट्रल बैंकक गवर्नर महाप्रसाद अधिकारी कें निलंबित क’ देने छल। नेपालक स्थिति कें सुधारबाक लेल आयात कें कम करबा लेल कतेको आवश्यक डेग सभ उठाएल गेल अछि। अखन नेपाल विदेश सँ अबैबला अनावश्यक समान पर रोक लगा देने अछि।
जहन नेपालक अर्थव्यवस्था मे आयात-निर्यातक गप करैत छी त’ दूटा ट्रेड पार्टनर बहुत महत्वपूर्ण भ’ जाइत अछि। पहिल भारत आ दोसर चीन। इएह कारण अछि जे नेपाल लगभग 62 प्रतिशत विदेशी व्यापार भारत सँ करैत अछि आ लगभग 14 प्रतिशत चीन सँ।

भारत पर कते निर्भर अछि नेपाल

नेपाल राष्रट बैंकक साल 2019-20 केर प्रोविजनल डेटा कें देखला सँ पता चलैत अछि जे नेपाल लगभग 1,060 करोड़ डॉलर केर विदेशी व्यापार कयलक। एहि मे आयात लगभग 980 करोड़ डॉलर आ निर्यात लगभग करोड़ डॉलरक छल। नेपाल विदेश सभ सँ कुल जतेक सामान कीनैत अछि ओहि मे लगभग 70 प्रतिशत समान भारत सँ अबैत अछि। एकर माने अछि जे नेपाल 70 प्रतिशत आयात भारत सँ करैत अछि। जे साल 2019-20 मे लगभग 620 करोड़ डॉलरक छल।
नेपाल भारत सँ सभसँ बेसी वाहन आ स्पेयर पार्ट्स, तरकारी, चाउर, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, मशीनरी, दवाइ, एमएस बिलेट, हॉट स्टील, इलेक्ट्रिक सामान आ कोयला कीनैत अछि। निर्यातक बात करी त’ साल  2019-20 मे भारत नेपाल सँ लगभग 57 करोड़ डॉलरक व्यापार कयलक। एहि मे मुख्य रूप सँ इलाइची, जूस, जूट, आयुर्वेदिक दवाइ, ऑयल केक, पाम ऑयल आ टेक्सटाइल सँ जुड़ल समान अछि।

चीन पर कते निर्भर अछि नेपाल?

भारतक बाद जँ कोनो देश अछि जाहि सँ नेपाल सभ सँ बेसी व्यापार करैत अछि त’ ओ अछि चीन। 2019-20 मे नेपाल चीन सँ लगभग 149 करोड़ डॉलरक समाश कीनलक आ लगभग एक करोड़ डॉलरक समान बेचलक। नेपाल चीन सँ सभ सँ.बेसी दूरसंचार उपकरण आ पुर्जा, वीडियो टेलीविजन, केमिकल फर्टिलाइजर, बिजलीक समान,  कच्चा सिल्क, रेडीमेड गारमेंट्स आ जूता कीनैत अछि। ओतै हस्तशिल्प समान वुलेन कारपेट, गहूमक आटा आ रेडीमेड गारमेंट सनक समान चीन कें बेचैत अछि।  भारत आ चीन दुनू देशक संग नेपालक व्यापार घाटा बहुत बेसी अछि। इएह कारण अछि जे नेपालक विदेशी मुद्रा भंडार पर बेसी भार परल अछि।

खराप होइ अर्थव्यवस्थाक कारण की अछि? 

की कारण अछि जे नेपालक विदेशी व्यापार घाटा एतेक बेसी अछि? आ की ई नेपालक खराप होइत अर्थव्यवस्थाक पाछू असगर पैघ कारण अछि फेर किछु अन्य कारण अछि? नेपालक त्रिभुवन विश्वविद्यालय मे अर्थशास्त्रक प्रोफेसर रहि चुकल हरिबंश झा कहैत छथि जे कोरोना महामारीक बाद नेपालक संबंध पड़ोसी देशक संग संबंध प्रभावित भेल अछि। खास क’ चीनक संग व्यापारिक संबंध तेजी सँ बदलल अछि। चीनक समान नेपाल मे तेजी सँ बिका रहल अछि जहनकि नेपाल अपन समान चीन मे ओतेक तेजी सँ नहि बेचि पाबि रहल अछि। कोरोना महामारीक समय सँ नेपालक सीमा पर प्रतिबंध लागल अछि। कोरोना सँ पहिने एक दिन मे सैकड़ो ट्रक बॉर्डर पार करैत छल। मुदा महामारीक बाद एक दिन मे पाँच सँ दस ट्रक प्रतिदिन क्रॉस क’ पाबि रहल अछि। जकर कारण नेपाल भारत आ चीन संग व्यापार नहि क’ पाबि रहल अछि।
नेपाल मे विदेशी आयक सभ सँ पैघ स्रोत नेपाल अछि। प्रतिवर्ष लाखो पर्यटक नेपाल अबैत छथि। एहि मे भारत आ चीन दुनू देशक पर्यटक केर पैघ संख्या रहैत अछि। साल 2018 मे नेपाल मे 15 लाख सँ बेसी टूरिस्ट आएल छलाह जे साल 2019 मे घटि क’ लगभग 11 लाख रहि गेल।  साल 2019 मे सभ सँ बेसी नेपाल जाइबला पर्यटक मे सभ सँ बेसी पर्यटक भारतक छल। एकर संख्या दू लाख सँ बेसी छल। ओतै लगभग एक लाख 70 हजार चीनी पर्यटक नेपाल पहुँचल छल। कोविड बाद एकटा नमहर समय धरि नेपालक सीमा बंद रहल आ पर्यटक लोकनि नूपाल घुमबा लेल नहि जा सकला। पर्यटन नेपालक आयक सभ सँ एकटा पैघ स्रोत अछि जे कोविड बाद सभ सँ बेसी प्रभावित भेल अछि।
बीबीसी नेपाली सेवाक संवाददाता संजय ढकालक अनुसार पर्यटक के आएब चीनेटा सँ कम नहि भेल अछि अपितु पश्चिमी देश सँ सेहो कम भेल अछि। काठमांडू पोस्टक एकटा समाचारक अनुसार 2018-19 मे पर्यटन सँ नेपाल कें 75 बिलियन नेपाली टाकाक कमाइ भेल जे  2020-21 मे मात्र 7 बिलियन नेपाली टाका रहि गेल छल। माने कोरोना महामारीक बाद नेपालक पर्यटन क्षेत्र मे 90 प्रतिशत केर कमी देखल गेल अछि। विदेशी मुद्राक एकटा महत्वपूर्ण स्रोत नेपालक लेल पर्यटन अछि। पर्यटन क्षेत्र केंक्षफढ़ावा देबाक लेल नेपालक वित्त मंत्री पर्यटक कें फ्री बीजा देबा पर विचार क’ रहल छथि।

रेमिटेंस मे आएल भारी गिरावट

नेपालक अर्थव्यवस्था कें मजगूती सँ ठाढ़ रखबा मे.रेमिटेंस केर सभ सँ पैघ हाथ अछि। नेपालक जीडीपी केर एक चौथाइ भाग रेमिटेंस सँ अबैत अछि। विदेश मे काज कयनिहार प्रवासी मजूर वा प्रोफेशनल लोक पैसा अपन देश पठबैत छथि त’ ओकरा रेमिटेंस कहल जाइत अछि। नेपालक लगभग तीस लाख लोक विदेश मे काज करेत छथि।
विदेशी मामलाक विशेषज्ञ आ द इमेजइंडिया इंस्टीट्यूट केर अध्यक्ष रॉबिंद्र सचदेव कहैत छथि जे कोविड समय मे सभ सँ बेसी नोकरी गेल जकर कारण रेमिटेंस मे लगभग 50 प्रतिशत केर कमी आएल अछि। रेमिटेंस द्वारा नेपाल मे लगभग 800 करोड़ डॉलर सलाना अबैत छल जे घटि क’ लगभग 450 डॉलर रहि गेल अछि। रेमिटेंस मे कमीक कारण नेपालक विदेशी मुद्रा भंडार पर व्यापक प्रभाव परल अछि।

एफडीआइ निवेश मे आएल कमी

नेपाल मे एफडीआइ निवेश मे चीन 2014 सँ लगातार नंबर वन अछि। चीनक सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ केर अनुसार नेपाल मे होम’बला प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक 90 प्रतिशत असगर चीन.सँ अबैत अछि। ई निवेश हाइड्रो-पॉवरस, सीमेंट, हर्बल मेडिसिन आ टूरिज़्मक क्षेत्र मे अछि। साल 2019-20 मे नेपाल मे कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 95 मिलियन अमेरिकी डॉलर एबाक छल जाहि मे 88 मिलियन अमेरिकी डॉलर केर भरोस असगर चीन देने छल। मुदा कोरोना महामारी आ नेपाल मे चलि रहल राजनीतिक अस्थिरताक बीच एहि मे बहुत कमी आएल।

अमरिकी निवेश सँ बिगड़ल चीन

नेपाल मे चीनक रुचि कम हेबाक पाछू एकटा अहम कारण अछि अमरीका। अमरिका आ नेपालक बीच 50 करोड़ डॉलर केर समझौता 2017 मे भेल छल।.’मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन नेपाल (MCC-Nepal)’ अंतर्गत एत’ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाक विकास लेल 50 करोड़ डॉलर देम’ बला अछि। एहि समझौता मे अमरीका दिस सँ नेपाल मे बिजलीक अल्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन बनेबाक चर्चा अछि। नेपाली संसद कें एकरा दू सालक अंदर मंजूरी देबाक छल। नेपाली सरकार मे सहयोगी द आ विपक्षी पार्टी कें समझौताक वर्तमान स्वरूप सँ आपत्ति रहनि। हुनक कहब छल जे समझौता मे संशोधन होमक चाही किएक त’ एकर किछु प्रावधान सँ नेपालक संप्रभुता कें खतरा भ’ सकैत अछि। कोरोना महामारीक कारण एहि मे विलंब भेल मुदा 2022 एकरा मंजूरी द’ देल गेल अछि। चीन अमरीकाक विरोध त’ खूलि क’ नहि कयलक मुदा एहि सँ जुड़ल प्रश्नक उत्तर मे चीनक विदेश मंत्रालयक प्रवक्ता वांग वेनबिन कहलनि जे चीन, नेपालक संप्रभुता आ हितक मूल्य पर.स्वार्थी एजेंडा कें.आगू बढ़बैबला प्रतिरोधी कूटनीति आ कर्यक विरोध करैत अछि। नेपाल मे बढ़ैत अमरीकाक डेग सेहो चीन आ नेपालक केमिस्ट्री कें किछु हद धरि प्रभावित कयलक अछि।
(बीबीसी सँ साभार) 

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