June 27, 2022

Mithila Mail

मिथिलाक न्यूज मैथिली मे

बाभन कें चूड़ा, यादव कें दही : बिहार मे उछलल नव नारा

पटना : 

Advertisement
बिहार मे परशुराम जंयती सँ ठीक पहिने एक नव नारा राजनीतिक पार्टी मे हलचल पैदा क’ देलक अछि। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) केर किछु नेता आ कार्यकर्ताक दिस सँ उछालल गेल एहि नव नारा कें पार्टीक नव सोशल इंजीनियरिंग केर रूप मे देखल जा रहल अछि। एमवाई फैक्टरक दम पर पछिला कतेको चुनाव मे जीत दर्ज करए मे नाकाम रहल पार्टीक नजरि आब ब्राह्मण आ भूमिहार पर अछि, जे लंबा समय सँ भाजपाक कट्टर समर्थक मानल जाइत अछि।
आरजेडीक नेता आ कार्यकर्ता परशुराम जंयती कें एहि बेर खूब धूमधाम सँ मनएबाक तैयारी मे छथि, जकरा ब्राह्मण कें खुश करबाक प्रयासक रूप मे देखल जा रहल अछि। एतबे नहि एक नव नारा सेहो देल हगेल अछि, बाभन (ब्राह्मण) के चूड़ा, यादव के दही, दुनू मिलत तखन बिहार मे सब होयत सही। हालहि मे एमएलसी चुनावक दौरान आरजेडी कें भूमिहार जातिक बढ़िया संग भेटल छल। आब पार्टीक नजरि ब्राह्मण पर अछि, जिनकर बिहार मे लगभग 6 प्रतिशत आबादी अछि। ब्राह्मणक आबादी भनहि बहुत बेसी नहि हो मुदा शिक्षा आ सामाजिक स्तर पर ई बेस प्रभावशाली छथि। हिनका ‘ओपिनियन मेकर्स’ केर रूप मे सेहो देखल जाइत अछि।
राजनीतिक जानकारक मानब अछि जे असल मे आरजेडी कें एहि बातक आभास भ’ चुकल अछि जे सत्ता मे अएबाक लेल हुनका समाजक सभ वर्गक सहयोगक जरूरति अछि। ‘यादव-मुस्लिम’ टैगक कारण सँ कतेको जातिगत समूह एनडीए सरकार सँ नाराजगीक बादो आरजेडी कें वोट नहि करैत अछि। इहो कहल जा रहल अछि जे पार्टी यूपी चुनावक परिणाम कें देखिकए सेहो रणनीति मे बदलाव कएलक अछि, जतए अखिलेश यादव एहि बेर एमवाई टैग सँ किछु हद तक कात करैत सवर्ण आ गैर यादव ओबीसी जाति पर सेहो फोकस केने छल। समाजवादी पार्टी भनहि सत्ता तक नहि पहुंच सकल, लेकिन नव रणनीति के तहति ओ सीट आ वोट प्रतिशत मे बेस वृद्धि करए मे सफल रहल।
जनतब दी जे आरजेडी दिस सँ ब्राह्मण के लोभेबाक प्रयास एहि लेल सेहो रुचिगर अछि, किएक तँ कहियो पार्टी पर ‘भूरा केश साफ करू’ के नारा द’क’ गैर सवर्ण जाति कें गोलबंद करबाक आरोप लागल छल। 90 केर दशक सँ पहिने कतेको ब्राह्मण मुख्यमंत्री द’ चुकल बिहार मे सवर्ण के दबदबा केर पृष्ठभूमि आएल एहि नारा के मतलब छल, भ सँ भूमिहार, रा सँ राजपूत, बा सँ ब्राह्मण आ ल सँ लाला (कायस्थ) छल। हालांकि, बाद मे आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अपना आत्मकथा मे एहि पर सफाई दैत लिखलनि जे ओ ई नारा नहि देने रहथि। ओ एहि वास्ते मीडिया पर दोष मढ़ने रहथि। भनहि ई नारा लालू देने होथि वा नहि मुदा ई तँ साफ अछि जे ई नारा बिहारक राजनीति कें लगभग डेढ़ दशक तक के लेल बदलि देने छल।

 5,145 total views

Advertisement
Spread the love