June 27, 2022

Mithila Mail

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आसक पटरी पर भरोसक संग भेल पहिल दिनक यात्रा

  • भपटियाही सँ लौट क’ सच्चिदानंद सच्चू
  • हाइवे सँ यात्रा करब पड़ैत अछि महग, रेलसेवा शुरू भेला सँ मनमानी पर लागत रोक

 

मधुबनी : झंझारपुर सँ सहरसा रेलसेवाक आइ पहिल दिन छल। झंझारपुर – निर्मलीक बीच लगभग चारि साल सँ रेलसेवा ठप छल। एहि रेलसेवा कें ठप भेलाक सीधा असरि ऐ रूट पर चलैबला वेंडर सभ पर परल। वैध – अवैध तरीका सँ ई वेंडर सभ झंझारपुर – निर्मलीक बीच विभिन्न सामान कें बेचि क’ परिवारक भरण – पोषण करैत छल। रेलसेवा बंद भेला सँ हिनकर सबहक रोजगार छीना गेलनि आ ई सभ दिल्ली – मंबइ पलायन करबा लेल विवश भेलाह। आब ई रेलसेवा शुरू भ’ गेल अछि त’ किछु गोटे कें एहि बातक उमेद छनि जे ओ सभ रेल मे फेरी लगाक’ अपन परिवारक भरण – पोषण क’ सकताह।

ट्रेन झंझारपुर रेलवे स्टेशन सँ खूजैत अछि त’ घोगरडीहा निवासी वैद्यनाथ झा कहैत छथि जे झंझारपुर आ दरभंगा आएब – जाएब आब आसान भेल अछि। जहिया सँ ई रेलसेवा बंद भेल छल हमरा लोकनि कें एमहर एबा लेल सोच’ पड़ैत छल। एमहर आबि क’ सड़क सबहक स्थिति मे सुधार आएल अछि। एनएच बनलाक बाद हाइवे पर गाड़ी सरपट दौड़ रहल अछि। मुदा एहि हाइवे पर यात्रा करब बड़ महग पड़ैत अछि। रेलक जे यात्रा दस सँ पंद्रह टाका मे भ’ जाइत छै, ओहि यात्राक लेल सड़क मार्ग सँ लोक सभ कें दू- चारि सय खर्च कर’ पड़ैत छैक। लोक सभ कें आब एहि सँ राहति भेटतैक आ बस चालक आ टेंपू चालक सबहक जे मनमानी छलै, ओइ पर सेहो अंकुश लगतैक।

 

आब नैहर – सासुर करबा मे नहि अछि कोनो दिक्कत

 

झंझारपुर सँ घोगरडीहा जायबाली मंजू देवीक स्थिति सेहो तेहने सनक छनि। झंझारपुर नैहर छनि आ घोगरडीहा सासुर। ओ कहैत छथि जे आब नैहर एबाक लेल हुनका कहियो सोच’ नहि पड़तनि। जखने मोन हेतनि, उठि क’ विदा भ’ जेती। ओ कहैत छथि जे रेलक परतर आर कोनो सवारी नहि क’ सकैत अछि। रेलसेवा शुरू भेला सँ हम बहुत प्रसन्न छी।

झंझारपुर सँ खूजि क’ गाड़ी दीप पहुंचल। स्टेशनक दुनू कात करमान लागल लोकक भीड़ मे हर्षोल्लास छल। स्टेशन पर सभ तरि हर्ष ध्वनि गूंजि रहल छल। ऐ ठाम देबन यादव, हर्षित झा, मो. असलम आदि एहि ट्रेन सँ सहरसा जयबा लेल चढ़ैत छथि। देबन यादव कहैत छथि जे 88 सालक बाद कोसीक एहि पार सँ ओहि पार रेलमार्ग सँ जुड़ल अछि। हम सभ अत्यधिक प्रसन्न छी। ओ कहैत छथि जे समैध सँ भेंट करबा लेल सहरसा जा रहल छथि। जेबाक योजना त’ दू दिन पहिने रहनि मुदा जहन सुनबा मे एलनि जे दू दिनक बाद झंझारपुर सँ सहरसाक लेल रेलसेवाक शुरुआत भ’ रहल अछि, त’ सहरसा जयबाक अपन योजना कें आगू बढ़ा लेलनि। इएह साल भरि पहिने बेटीक विवाह सहरसा कयने रहथि। मोन मे भरोस रहनि जे आइ ने काल्हि सहरसाक लेल रेलसेवा शुरू भइये जेतै। आ जहन रेलसेवा शुरू भ’ जेतै त’ लोक सभ कें सहरसा सुपौल एबा जेबा मे सुभिस्ता हेतै।

 

सभ तरि छल हर्षोल्लास, हर्ष ध्वनि सँ कयल गेल रेलक स्वागत

 

झंझारपुर सँ ल’ क’ दीप, तमुरिया, नेमुआ, चिकना, घोघरडीहा, परसा बसुआरी, निर्मली, आसनपुर कुपहा आ एकर बाद कोसी महासेतु पार कयलाक बाद अबैत अछि सरायगढ़ भपटियाही। सभ स्टेशन पर करमान लागल लोकक भीड़। सभ मे हर्षोल्लास। सभ कोइ हर्षध्वनि क’ रहल छलाह।

निर्मली रेलवे स्टेशन पर भपटियाही जयबा लेल ट्रेन मे सवार होइत छथि बैजू, हरखू, बिदेश्वर, मो. परवेज, रघुनी, लालदाइ आदि। बैजू यादव कहैत छथि जे 1934 मे आएल भूकंप मे जहन भपटियाही स्थित तिलयुगा नदी पर बनल पुल ध्वस्त भ’ गेल त’ बुझू जे निर्मली एकटा टापू मे बदलि गेल। ओ कहैत छथि जे 1934 सँ ल’ क’ अखन धरि, एहि 88 वर्ष मे बहुत किछु बदलि गेल। 1934 मे जाहि स्थान पर तिलयुगा बहैत छलि, ओत’ आब कोसी बहि रहल अछि। पूब सँ घुसकि क’ कोसी पश्चिम आबि गेल। निर्मली सँ भपटियाहीक दूरी मात्र 22 किमी अछि। मुदा जहन ई पुल नहि छल त’ लोक कें एहि दूरी तय करबा मे भरि – भरि दिन लागि जाइत छलै। कोसीक बालू पर पैरे चलू आ नाह सँ नदी कें पार करू। आर दोसर रस्ते कहाँ छलै। जहन कोसी महासेतु चालू भेलै त’ एहि ठामक लोक कें राहति भेटलै। आब त’ रेल महासेतु सँ रेलक परिचालन सेहो शुरू भ’ गेल छै। आब ऐ क्षेत्रक विकास कें पांखि लगतैक, किएक त’ रेल सँ सस्ता आ सुभिस्तगर साधन आइयो किछु नहि छै।

बिदेश्वर कामत कहैत छथि जे एहि ठामक एहन लोक जे कोसीक बालू पर चलि नहि सकैत छलाह, हुनका सबहक लेल त’ ओइ पार जाएब आर मोसकिल छल। एहन लोक सभ बस सँ कुनौली बॉर्डर जाइत छलाह। कुनौली बॉर्डर सँ नेपालक भारदह। भारदह सँ त्रिभुवन राजमार्ग पर चलैबला कोनो बस पकड़ि क’ कोसी बराज पार करैत भंटाबाड़ी जाइत छलाह। भंटाबाड़ी मे फेर बॉर्डर पार क’ वीरपुर पहुंचैत छलाह आ तहन सुपौल आ कि कतौ गेल होइ। माने नौ के लकड़ी नब्बे खर्च। मुदा कोसी महासेतु बनि गेला सँ आब कोनो दिक्कत नहि छै। अखन रोड पर किराया कें ल’ क’ बसबला सबहक मनमानी जरूर चलै छै, मुदा रेल परिचालन जहन सुचारू भ’ जेतै त’ ओकर सबहक एहि मनमानी पर रोक सेहो लगतैक।

 

बेसहारा लोकक सहारा बनि सकत रेल

 

ट्रेन अपन समय पर सरायगढ़ भपटियाही पहुंचल। ट्रेनक स्वागत सत्कार लेल एतौ करमान लागल लोक छल। स्टेशनक बाहर सत्यनारायण साहुक चाह जलखै केर दोकान अछि। साँझ मे भूजा आ सत्तू सेहो बेचै छथि सत्यनारायण। ओ कहलनि जे हम अपन दोकानदारीक सामान झंझारपुर सँ मंगबैत छी। समान अनबा लेल टेंपू कर’ पड़ैत अछि। एक हजार टाका मात्र भाड़ा खर्च होइत अछि। रेलसेवा शुरू भेला सँ हमरा आब सामान अनबा मे सुभिस्ता हैत। आब चारि-पाँच सय टाका खर्च क’ झंझारपुर सँ अपन दोकानक सामान आनि सकैत छी। अही ठाम बेचन साफी कहैत छथि जे आब जल्दिए फारबिसगंज अररिया रेल लाइनक काज सेहो संपन्न भ’ जाएत। आब ओ दिन दूर नहि जहन भपटियाही सँ लोक दिल्ली मंबइ लेल ट्रेन पकड़ि सकत। संगहि एहि ठामक लोक कें कटिहार, किशनगंज, सिल्लीगुड़ी आ गुवाहाटी एबा – जेबा मे सेहो सुभिस्ता हेतनि। रेल चल’ लागल अछि त’ भपटियाही सेहो चल’ लागत। संगहि चल’ लागत दुनू पारक मिथिला, जे बहुत दिन सँ उपेक्षित पड़ल अछि। बेचनजीक कहब छनि जे कोसीक बाढ़ि मे नहि जानि कते गोटेक घर उजरि गेल छनि। कते गाम लापता भ’ गेल अछि। मुदा हमरा सभ कें भरोस अछि जे ई रेलसेवा एहन किछु लोक कें असरा देतै। नहि किछु त’ चिनिया बदाम बेचि क’ सेहो गुजर – बसर कइये लेत।

 

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