पारंपरिक खेती छोड़ि माछ पालन करैमे जुटल किसान, भ’ रहल बंपर आमदनी

[ADINSETER AMP]

मधेपुरा: जिलाक किसान आब तेजीसँ माछक दिस अग्रसर भ’ रहल छथि। किसान परंपरागत खेतीकेँ छोड़ि क’ माछ पालनकेँ वरीयता द’ रहल छथि। असलमे, कोसी प्रमंडल क्षेत्रक मधेपुरा, सहरसा आ सुपौलक किसान खेती-किसानीसँ ल’ क’ आब हमरा लेल दू साँझक रोटीक जोगाड़ नहि, अपितु ई हमर सपनाकेँ पाँखि देबाक माध्यम बनि गेल अछि। एतुका किसान नव-नव तकनीकक सहारा ल’ क’ अपन आमदनीकेँ दोगुना करयमे जुटल छथि।

[ADINSETER AMP]

बाहरसँ माछ मँगेबाक नहि होयत आवश्यकता

मधेपुरा प्रखंडक बखरी गांवमे पहिल बेर बीस एकड़मे पोखरिक निर्माण क’ माछक खेती करयबला आलोक कुमार बतौलनि जे जाहि तरह माछक बिक्री भ’ रहल अछि, ओहिसँ नीक आमदनी हेबाक संभावना अछि। एहि गामक आन माछ पालक किसान भूषण रजक कहलनि जे माछसँ नीक आमदनी भ’ रहल अछि। जँ किसानकेँ खुशहाल बनाबय अछि त’ पारंपरिक खेतीक संग-संग माछसँ जुड़बाक हेतनि।

 

[ADINSETER AMP]

दोसर प्रदेश सभसँ अबैत अछि माछक चारा

माछ पालक सभक कहब अछि जे माछ पालनमे सभसँ पैघ समस्या माछकेँ खयबाबला दाना यानि फीडक भ’ रहल अछि।  कियेक त’ माछक चारा दोसर प्रदेशसँ मंगवाबय पड़ि रहि रहल अछि। ओ कहलनि जे बखरी गाममे एकटा फीड फैक्ट्री खुजल अछि। मुदा लॉकडाउनक कारण चालू नहि भ’ सकल अछि। एहि फेक्ट्रीक चालू भ’ जयबाक बाद माछक चारा दोसर प्रदेशसँ माछक चारा आसानीसँ कम दामपर घरेमे भेटि जायत। जकर बाद त’ आमदनीमे बढ़ोत्तरी भ’ जायत। तेजीसँ बढ़ि रहल अछि माछ पालन

ध्यातव्य अछि जे कोसी प्रमंडल क्षेत्रक मधेपुरा, सहरसा आ सुपौल जिला समेत बिहारमे कतेको आन जिलाक किसान तेजीसँ माछ पालनसँ जुड़ि रहल छथि। एनामे खास क’ मधेपुरा जिलाक ग्रामीण क्षेत्रमे वृहद पैमानापर माछ तालाबक निर्माण कयल जा रहल अछि। जिलामे कोनो एहेन पंचायत नहि अछि। जतुका किसान माछ पालन नहि क’ रहल हो। एनामे ओ दिन दूर नहि जखन माछ उत्पादनमे आत्मनिर्भर भ’ जायत।

 22,563 total views

Spread the love
[ADINSETER AMP]
admin:

This website uses cookies.

[ADINSETER AMP]