June 27, 2022

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झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्र गृह मंत्रालय सं कवि कोकिल विद्यापतिक नाम पर राष्ट्रीय पुरस्कार...
  पुष्यमित्र  जहिया कहियो पूर्णिया अबैत छी त’ ऐ नदीक कछेर मे अबिते टा छी ।नदीकक ई कछेर पूर्णियाक रजनी चौकसँ बायपास जेबाक बाट मे अछि। ई नदी अछि, एकर गबाही ओ छोटकी सनक खाधि द’ रहल अछि। जाहिमे थोड़ेक पानि नजरि आबि रहल अछि। बाकी अन्य क्षेत्र शहरी टोल बनि गेल अछि। प्लॉट काटि क’ बेचि देल गेल अछि आ लोक सभ घर बना लेलनि अछि। मुदा ई लोकनि सभ साल पछताइत छथि, जहन नदी मे पानि भरि जाइत अछि आ टोल डूबि जाइत अछि। ई स्थिति महज पूर्णियाक एकटा घाटक नै अछि, अपितु शहरक लगभग सभ घाटक अछि। लाइन बजार सं खुश्की बजार कें जोड़ैबला क्षेत्र मे कहियो ऐ नदीक पाट एक किमी धरि भेल करै छल। पिछला शताब्दी धरि हम ओ खाधि देखने रही। तहिया लाइन बजार बिहार टॉकीजक पहिने समाप्त भ’ जाइ छल। मुदा आब दूर धरि व्यावसायिक भवन सभ ठाढ़ भ’ गेल अछि। पूर्णिया सिटी (पुरनका शहर) लग नदी कने रमणीय नजरि अबैत अछि। काली मंदिर लग। कोनो पुरान शहरक बीच सं गुजरैत कोनो नदीक एहन दशा देखि क’ दुख होइत अछि। जं नदी के स्वच्छ राखल जाइत, अतिक्रमण रोकल जाइत, त’ ऐ शहरक सुंदरता बढ़ि सकै छल।  सरिपहुं, एक समय मे ई नदी पूर्णिया शहरक सुंदरताक कारण भेल करै छल। बिहारक जल संपदा कें अध्येता गजानन मिश्र कहैत छथि जे जहन कोसीक मुख्यधारा पूर्णिया भ’ क’ जाइत छल, तहन ई ओकर एकटा अंग रहै। जाहि सँ कटि क’एकटा जलधारा जलालगगढ़ केर समीप निकलि क’ अमौर दिस चलि जाइत छल आ महानंदा मे मीलि जाइत छल। संभवत: सौरा कोसीक सभसँ पूर्वक धारा भेल करै छल। जहन कोसीक धारा पश्चिम दिस शिफ्ट होम’ लागल त’ एकर आकार घट’ लगलै, मुदा सुंदरता ओहिना रहलै।  ऐ नदी कें सभसँ पहिल आघात तहन लगलै जहन अररिया – फारबिसगंज रेल लाइनक लेल पटरी बिछाओल गेल। फेर ई छोटकी नदी मे बदल’ लागल। कोसी सँ एकर संपर्क टूटि गेलै। अखन ऐ नदीक सुंदरता ई अछि जे ई रेणुक गाम औराही–हिंगनाक बगल केर एकटा च’र सँ निकलैत अछि। लगभग 50-60 किमीक दूरी तय क’ क’ पूर्णिया शहर धरि पहुंचैत अछि। पूर्णिया सिटी काली मंदिर धरि एकर स्थिति लगभग एहने रहैत अछि मुदा शुहर मे घुसिते ई कूड़ेदान मे बदलि जाइत अछि। भू माफियाक शिकार भ’ जाइत अछि।      169 total views