December 4, 2022

Mithila Mail

मिथिलाक न्यूज मैथिली मे

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बिहारक मखानकेँ जीआई टैग त’ भेटल मुदा दाममे आयल कमीसँ किसानक बढ़ल मोसकिल

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दुनियाभरिमे सुपर स्नैक यानी मखानक लगभग 90 फीसदी भाग भारतीय राज्य बिहारमे पैदा होइत अछि। तीन मास पहिने अगस्त 2022मे बिहारक मिथिला क्षेत्रक फॉक्स नट्स प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेत (GI) टैग सेहो अर्जित कयने छल। मिथिलाक विभिन्न भागमे मखानक खेती पैघ स्तरपर कयल जायत अछि। फॉक्स नट्स असलमे वाटर लिलीक  एकटा प्रजातिक खयबाक योग्य बीया होइत अछि। लाखो किसान अपन जीवन यापनक लेल जल निकायक पैघ क्षेत्रमे एकर खेती करैत छथि। ओना त’ जीआई टैगक बाद अपन उपजक बढ़ैत माँगक संभावनाक  कारणे किसान सभक बीच उत्सव  सनक माहौल होयाबक चाही किएक त’ हुनकर आयक अवसर बढ़बाक पूरा भरोस छल। मुदा वास्तविकता एहिसँ बहुत दूर अछि। मखाना किसान सभक शिकायत अछि जे हुनका लोकनिकेँ फसल पर जतेक निवेश भेल अछि ओकर रिटर्न सेहो भेटि पाबि रहल अछि। बाजारमे मखानक मूल्य खसि पड़ल अछि।

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सुपौल जिलाक बीना पंचायतक एकटा मखान किसान रंजीत बतौलनि, मखान जे कखनो 500 रुपयासँ 600 रुपया प्रति किलोक बीच बिकाइत छल, आब 400 रुपया किलो बिकि रहल अछि। किसान कहलनि जे ओ 20 बीघासँ बेसी जमीनकेँ पट्‌टा पर ल’ क’ लगभग 12 सालसँ मखानक खेती क’ रहल छथि। ओ कहलनि एहि बेर हम चारि बीघा जमीनसँ मखानक कटाइ सेहो नहि केलहुँ अछि। एक बीघा जमीनसँ हमरा करीबन पाँच क्विंटल मखान भेटैत अछि। जकर कीमत पाँच हजार रुपया प्रति क्विंटलसँ बेसी नहि अछि। ई पहिनेक तुलनामे आधा अछि। देवशंकर खान सेहो निराश छथि। सहरसा जिलाक बनगाँव गामक ई किसान तीन बीघामे पसरल एकटा पोखरिमे मखानक खेती करैत छथि। ओ बतौलनि जे हम 2019सँ मखानक खेती क’ रहल छी आ एहिसँ लगभग एक लाख कमा लैत छलहुँ। मुदा एहि बेर कीमत कम भ’ गेल अछि। हमरा नहि लगैत अछि जे हम एहि साल 40,000 रुपयाक सेहो लाभ कमा पायब। मखानक खेतीमे बढ़ोतरी, कीमतमे गिरावट मखाना एकटा ऊँच दामपर बिकैबला फसल अछि, जकर व्यावसायिक रूपसँ बिहार आ पूर्वी भारतक किछु भागमे खेती कयल जाइत अछि। एकर अतिरिक्त, एकरा मध्य प्रदेश, राजस्थान, जम्मू आ कश्मीर, त्रिपुरा आ मणिपुरमे प्राकृतिक फसलक रूपमे उगाएल जायत अछि। एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) क अनुसार, भारतमे कुल 15,000 हेक्टेयरमे मखानक खेतीक  कयल जयबाक अनुमान अछि। एतय 120,000 मीट्रिक टन (mt) मखाना बीज पैदा होइत अछि, जे प्रसंस्करणक बाद 40,000 मीट्रिक टन मखान पॉपक उत्पादन  करैत अछि। किसान सभक स्तर पर उत्पादनक अनुमानित मूल्य 250 करोड़ रुपया अछि आ ई व्यापारीक स्तरपर 550 करोड़ रुपयाक राजस्व उत्पन्न करैत अछि।

 

उत्पादन बढ़त त’ मूल्य कम हेबे करत

किसान सभक दावा अछि जे मखानाक खेती लोकप्रिय भ’ रहल अछि। सुपौल जिलाक बीना पंचायतक रंजीत कहलनि जे एखन दू साल पहिने हमर पंचायतमे मात्र 60 बीघा जमीनपर खेती होइत छल। आब ई बढ़ि क’ 500 बीघा भ’ गेल अछि। ओ जनतब देलनि जे गामक निचला क्षेत्रमे जतय कखनो गहुम आ धानक खेती कयल जायत छल, आब ओतय मात्र मखानक खेती कयल जा रहल अछि। जाहिर अछि, जखन उत्पादन बढ़ि जायत त’ कीमत खसबै करत, भनहि हुनकर माँग बढि गेल होए। बिनामे करिहो पंचायतक गुलशन महतो बतौलनि जे गाममे खेती लायक जमीनक लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा पानिमे डूबल अछि। कारण अछि जे हमरामे सँ बेसीतर मखान आ जूटक खेती करबाक फैसला केलनि अछि।

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सालक महतोक मोताबिक, जतय किसान सभकेँ जूटक लेल नीक पाइ भेटति अछि, ओतहि मखानपर ओ मोश्किलसँ अपन लागते निकलि पाएल अछि। बिहारक मखान मैन कहल जायबला मिथिला नेचुरल्सक मनीष आनंद सेहो मानलक जे मखानक मूल्यमे गिरावट आयल अछि।

 

एक-दू सालमे ठीक भ’ जाएत सभ किछु

ओ कहलनि जे पछिला साल हुनक खाद्य प्रसंस्करण कंपनी, जे मखानक सभसँ पैघ खरीदार सभ विक्रेता सभमे सँ एक अछि, लगभग 18,000 रुपया प्रति क्विंटल पर कच्चा मखान कीनने छल। मुदा एहि साल कीमत 9,000 रुपया प्रति क्विंटल सँ बेसी नहि अछि। आदर्श रूपसँ काँच मखानक की कीमत 10,000 रुपयासँ 12,000 रुपया प्रति क्विंटलसँ कम नहि हेबाक चाही। हुनका भरोस छनि जे एक वा दू सालमे चीज ठीक भ’ जायत। मिथिला नेचुरल्स बिहारमे पहिला स्टार्ट-अप अछि। जेना केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा अनुदानक लेल चुनल गेल छल। एकरा बिहार सरकारक उद्योग विभाग आ बागवानी विभागक दिससँ अनुदानक लेल चुनल गेल अछि।

ट्रेडर्स लॉबीकेँ दोषी ठहराओल जाय? आनंद कहलनि, बहुतो लोक मखानक धंधामे आबि गेल अछि। दू साल पहने मखानकेँ ल’ क’ एतेक बिजनेस नहि छल। किछु विशेषज्ञ कीमत सभमे गिरावटक लेल ट्रेडर्स लॉबीकेँ जिम्मेदार ठहराबैत अछि।

आईसीएआर आरसीईआर रिसर्च सेंटर फॉर मखाना, दरभंगाक प्रमुख वैज्ञानिक इंदु शेखर सिंह कहलनि जे मखानक कीमतमे गिरावट मखान-ट्रेडिंग लॉबीक कारण भ’ सकैत अछि। वैज्ञानिक बतौलनि जे व्यापारी सभ एहिबेर मखान नहि कीनलक अछि आ एकर कीमतमे गिरावटक एकटा कारण भ’ सकैत अछि।

 

ट्रेडर्सक कारण मूल्यमे आएल अछि कमी

सिंहक अनुसार, महामारीक बाद कतेको स्टार्टअप अयलाह जे मखानक  प्रयोग केलनि आ एहिसँ किछु व्यापरी सभकेँ नोकसान भेल। मुदा, जँ उत्पादनमे वृद्धि भेल अछि, त’ मखानक मांग सेहो भेल अछि। एहिलेल एहि पैदावारमे वृद्धि वास्तवमे कीमतमे गिरावटक कारण नहि हेबाक चाही। मधुबनी रेडियोक संस्थापक आ पत्रकारिता पढ़बैबला राज झा सेहो एहि बातसँ सहमत छथि जे कीमतमे गिरावटक कारण ट्रेडर्स अछि। ओ बतौलनि जे एकर एकटा कारण आर अछि। सहरसा आ सुपौलमे, जतय मखानक खेती कयल जायत अछि, लग-पास कोनो प्रोसेसिंग यूनिट नहि अछि। सभसँ पासक यूनिट दरभंगा आ मधुबनीमे लगभग 100 किलोमीटर दूर अछि। झा कहलनि जे तखन कीमत बेसी छल कियेक त’ ट्रांसपोर्टमे निजी वाहन सभक प्रयोग कयल जायत छल। आब एकटा ट्रेन कनेक्शन अछि, एहिलेल उपजकेँ लाब’ ल’ जायमे एतेक पाइ नहि लगैत अछि। मखानाक किसान सभक एमएसपीक मांग मखानक खेतीसँ जुड़ल सुपौलक उदय मुखिया मल्लाह बतौलनि जे मखानक खसैत दाम कतेको परिवार सभपर प्रतिकूल असर पड़ैबला अछि। हमरा एहेन साधारण व्यापारी – संघर्षमे स्वयंकेँ फँसल पाबि रहल छथि। हमरा ककरो दोष नहि देबाक अछि। जँ उत्पादन बेसी अछि त’ सरकारकेँ एकरा लेल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित क’ क’ हमरा समर्थन करक चाही। सुपौलक कृषि विभागक एकटा अधिकारी नाम नहि बतेबाक शर्त पर गाम कनेक्शनकेँ बतौलनि जे कृषि विभागक दिससँ गहुम आ धानक अलावा आन फसल सभ उगबैबला किसान सभकेँ (30,000 रुपया प्रति किसान) अनुदान देल जायत अछि। मखान आ जूट आदिक लेल सेहो कतेको अनुदान उपलब्ध अछि, मुदा ई मात्र कागज पर अछि। सभकेँ नहि भेटैत अछि। कोन जिलामे कतेक किसान सभकेँ अनुदान भेटत, ई पहिनेसँ तय होइत अछि। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)क दायरामे सम्मिलित खाद्य फसल सभक सूचीमे मखानक नहि अयबाक कारणक विषयमे पूछल जायपर, सहरसामे राज्यक कृषि विभागक कृषि समन्वयक संजीव कुमार झा एकर पाछू कतेको कारणक प्रमाण देलनि। पहिने कोसी नदीक कातक जिला सभमे एतेक पैघ पैमानापर मखानाक खेती कयल जायत छल। जेनाकि मधुबनी आ दरभंगा जिलामे कयल जायत अछि। एहेन एहि लेल अछि कियेक त’ ई एकटा महँग फसल अछि आ एकरा लेल गहन श्रमक आवश्यकता होइत अछि। एखन धरि, किसान सभ अपने कखानो एमएसपी सूचीमे सम्मिलित हेबाक माँग नहि उठौलनि। एकर अलावा मखानक फसल व्यापारी सभ उच्च कीमत पर बेचल जायत अछि, यैह कारण अछि जे किसान सभ एकरा लेल एमएसपीक माँग करयमे कोनो रुचि नहि देखौलनि अछि। यैह कारण अछि जे सरकार सेहो एहि मुद्दापर कखनो ध्यान नहि देलक अछि। ई पहिल बेर अछि जखन किसान संगठन ई माँग उठा रहल छथि मुदा एक वा दू सालमे स्थिति निश्चित रूपसँ बदलि जायत।

 

लाभदायक अछि ई सुपर स्नैक

सेहतक लेल लाभदायक मखान पोषक तत्वसँ भरपूर होइत अछि। एहिमे जतय फाइबरक मात्रा बहुत बेसी होइत अछि ओतै ई अपन कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स आफाइटोकेमिकल घटक सभक लेल जानल जाइत अछि। एहिमे कैलोरी कम होइत अछि। अपन एहि गुणक कारण एकरा खासतौरपर दस्तक इलाजमे सेहो प्रयोग कयल जाइत अछि। 100 ग्राम मखानमे 350 कैलोरी होइत अछि, जाहिमेसँ 308 कैलोरी कार्बोहाइड्रेटसँ आ 39 कैलोरी प्रोटीनसँ अबैत अछि। एहिमे नहि त’ फैट होइत अछि आ नहि कोनो ट्रांस-फैट। एकर अतिरिक्त मखानमे पोटेशियमक मात्रा बेसी होइत अछि। कैल्शियम कने कम। बिना स्वाद बला मखानमे कोलेस्ट्रॉल, फैट आ सोडियम लगभग नहिञेक बराबर होइत अछि। बेर-बेर भूख लगैबला लोक सभक लेल ई एकटा सुपर स्नैक अछि।

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